

राजपूत विरासत

सही सोच सही लोग सामूहिक प्रयास




मुस्लिम राजपूत संगठन चर्चा करते हुए

राजपूत वीर


राजपूत पूर्वज
रंगड़ विचार
यह रहा “रांगड़ विचार” पर एक सशक्त, भावनात्मक और प्रेरणादायक लेख, जिसे आप डॉ. कुंवर आरिफ के नाम से वेबसाइट, ऐप और बुकलेट में प्रकाशित कर सकते हैं:—✒️ रांगड़ विचार: हमारी पहचान, हमारा स्वाभिमान
✍️ डॉ. कुंवर आरिफ – राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय मुस्लिम राजपूत संगठन हम कौन हैं? हम वो हैं जिनकी रगों में राजपूताना रक्त बहता है, जिनके माथे पर इस्लाम की रोशनी, और दिल में हिंदुस्तान की धड़कन है। हम रांगड़ हैं — मुस्लिम राजपूत। एक ऐसा समाज जो सदियों से शौर्य, ईमानदारी, मेहनत, और अपने ज़मीर की आवाज़ पर जिया है। लेकिन अफसोस… आज वही रांगड़ समाज, जिसे कभी बादशाहों के दरबार में बैठने का हक था, आज चौपाल से भी गायब है।हम क्यों पीछे रह गए?क्यों हमारे नौजवान मजदूरी कर रहे हैं, जबकि किसी ज़माने में हमारे पूर्वज खेतों, हवेलियों और इज्ज़त के मालिक थे?क्यों हमारे बच्चों के हाथों में किताबें नहीं, और हमारे घरों में शिक्षा का दीपक नहीं?क्यों हमारे बुजुर्ग सरकारी दफ्तरों में दर-दर भटकते हैं, और नेता सिर्फ वोट के वक़्त दरवाज़ा खटखटाते हैं?इसका कारण साफ़ है – हमने अपनी पहचान को भुला दिया।हमने अपने नेतृत्व को दूसरों के हवाले कर दिया।हमने अपने इतिहास को मिटा डाला, और दूसरों के झूठ को सच मान लिया।अब वक़्त है जागने का।अब “रांगड़ विचार” सिर्फ एक शब्द नहीं, एक क्रांति है।यह विचार कहता है:> 🔥 “अब और नहीं झुकना। अब अपने समाज को फिर से उठाना है।”हमें अपने बच्चों को तलवार से नहीं, कलम से योद्धा बनाना है।हमें अपने गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के केंद्र खोलने हैं।हमें राजनीति में सिर्फ वोट नहीं, अपना प्रतिनिधि भेजना है।हमें फिर से कहना है – “हम रांगड़ हैं, और हम शर्मिंदा नहीं, गर्वित हैं।”यह आंदोलन अब एक संगठन में बदल चुका है –भारतीय मुस्लिम राजपूत संगठन,जो रांगड़ों को फिर से उनका सिर उठाकर चलने का हक दिलाएगा।—🌟
रांगड़ विचार का संदेश:हर मुस्लिम राजपूत भाई-बहन अपनी जड़ों को पहचाने।हमारा इतिहास, हमारे पूर्वज, हमारे संघर्ष – सब कुछ हमें जोड़ता है।अब नेतृत्व के लिए आगे आइए, क्योंकि कोई और नहीं लड़ेगा हमारी लड़ाई।–
अपने पूर्वजों के नाम की लाज रखिए, और अपने समाज को फिर से पहचान दिलाइए।”अब समय है, एकजुट होने का,अब समय है, रांगड़ विचार को जन आंदोलन बनाने का टाइम है
