संगठन का इतिहास
भारतीय मुस्लिम राजपूत संगठन की स्थापना समाज के आत्मसम्मान, शिक्षा, समानता और नेतृत्व को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संगठन उन आवाज़ों का प्रतिनिधित्व करता है जो वर्षों से अनसुनी रही हैं।
समाज के युवा, बुज़ुर्ग, किसान, मजदूर और शिक्षित वर्ग को एक मंच पर लाना, और उन्हें नेतृत्व की दिशा में मार्गदर्शन देना संगठन का मुख्य उद्देश्य रहा है। संगठन शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी और रोजगार को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में कार्यरत है।
यह संगठन किसी व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि पूरे मुस्लिम राजपूत समाज के गौरव, संघर्ष और आत्मबल का प्रतीक है। हमारा अतीत स्वाभिमान और बहादुरी से भरा है, और यही प्रेरणा हमें भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
“संगठन एक विचार है – समाज के उत्थान, नेतृत्व की स्थापना और आत्मसम्मान की पुनः प्राप्ति का।”
